CHHATTISGARH NEWS: रायपुर। छत्तीसगढ़ में करंट लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शनिवार को राज्य के तीन अलग-अलग जिलों में हुए दर्दनाक हादसों में कुल 6 लोगों की मौत हो गई। बिलासपुर, रायपुर और खैरागढ़ में हुए इन हादसों ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है।
सबसे दर्दनाक घटना बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र के भाड़म गांव में हुई। यहां खेत में काम करने के दौरान करंट फैलने से मां और उसके दो बेटों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बोरवेल के बिजली तार से करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र स्थित कुकरीपारा सर्वोदय स्कूल के पास सोलर पैनल लगाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सोलर पैनल को असेंबल करते समय वह 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसमें तेज करंट दौड़ गया। हादसे में सोलर पैनल का काम कर रहे दो कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
इधर, खैरागढ़ जिले के ग्राम तेली खपरी में 16 वर्षीय आशीष साहू घर के बाहर लगी लाइट चालू कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तत्काल सिविल अस्पताल खैरागढ़ लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
लगातार सामने आ रही करंट से मौत की घटनाओं ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर बारिश के मौसम में खुले बिजली तार, खराब वायरिंग और हाई वोल्टेज लाइनों के पास काम करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन और बिजली विभाग लोगों से अपील कर रहे हैं कि विद्युत उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें और किसी भी तरह की खराबी दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।