PETROL-DIESEL PRICE : नई दिल्ली/सोनभद्र। आम लोगों को आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंचने के बाद ईंधन की कीमतों में कटौती की संभावना बन सकती है।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरदीप पुरी ने कहा कि वर्तमान में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पहले से अधिक कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल का उपयोग कर रही हैं। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल रिफाइनरियों तक पहुंचेगा, पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी की संभावना बनेगी।
वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद नियंत्रित रहीं कीमतें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और उसके बाद भी कई अवसरों पर पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया।
पुरी के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि सीमित रही है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
तेल कंपनियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का पूरा असर आम उपभोक्ताओं पर न पड़े।
मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी अनिश्चितता
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत मिल सकती है।
सोनभद्र की विकास यात्रा की सराहना
सोनभद्र दौरे के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने जिले की विकास यात्रा की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की डेल्टा रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने वाला सोनभद्र अब पिछड़े जिले की छवि से बाहर निकलकर एक मॉडल जिले के रूप में उभर रहा है।
मंत्री ने बताया कि जिले की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2018 के करीब 43 हजार रुपये से बढ़कर लगभग 1.2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार भी 2016-17 के लगभग 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।