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विभाग का आदेश जूते में, विभाग ने ट्रांसफर किया, पर दस दिन बाद भी रायपुर में जमी हैं मैडम ! मिलावट के पुराने मामले निपटाने में लगी ?

निलंबित ADC संजय नेताम के साथ रेस्टोरेंट से बाहर निकलते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर

रायपुर। रायपुर में खाद्य एवं औषधी प्रशासन के अधिकारी विभाग के आला अधिकारियों के आदेश को जूते पर रख कर अपने क्रिया कलापों में लगे हैं। इसकी बानगी रायपुर में देखने को मिली है। बीते दिनों रायपुर जिले के एडिशनल ड्रग कंट्रोलर संजय कुमार नेताम ने तमाम दस्तावेजों के साथ नकली दवा कारोबार के आरोपी लेखराम बानी के साथ रेस्टोरेंट में घंटो तक मिटिंग की थी। इस मीटिंग का स्टिंग आपरेशन का वीडियो भी सामने आया था जिसके बाद संजय नेताम को निलंबित कर दिया गया था। जिस दौरान संजय नेताम आरोपी से मुलाकात कर रहे थे उसी दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर भी मौके पर मौजूद थी। तथा संजय नेताम के साथ रेस्टोरेंट से निकलते दिखाई थी। इसके बाद 10 फरवरी 2026 को राखी सिंह ठाकुर का ट्रांसफर मुख्यमंत्री के गृह जिला जशपुर कर दिया गया था। इस खबर से विभाग में हलचल मच गई थी जिसके कारण कई और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया।

10 फरवरी को जारी राखी सिंह ठाकुर का ट्रांसफर आदेश

ट्रांसफर आर्डर ने के बाद सभी ने रिलीविंग लेकर अपने जिलों में ज्वाइन कर लिया है लेकिन राखी सिंह ठाकुर अभी भी रायपुर में ही जमी हुई है। सूत्रों के अनुसार राखी सिंह ठाकुर अपने पुराने मामलों की लीपापोती और निपाटारे में लगी है ताकि ट्रांसफर के बाद उनकी पोल न खुल जाए। राखी सिंह को रिलीव कर दिया गया है लेकिन वो पुराने मामले निपटाने में लगी है। बताया जा रहा है की मिलावट के दर्जनभर लगभग 4 से 5 साल ऐसे मामले हैं जिनमें राखी ठाकुर ने प्रकरण बनाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होने सिर्फ प्रकरण बनाया, इसके बाद उन्हे नियम से अभियोजन स्वीकृत लेकर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पुटअप करना था लेकिन राखी ठाकुर ने मामले को दबा कर रखा। एक भी मामले में अभियोजन की स्वीकृति नहीं ली। इससे मिलवाट के कई आरोपी अपने आप बरी हो जाएंगे, क्योंकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में यह प्रावधान है की एक अगर साल तक प्रकरण को कोर्ट में पेश नहीं किया गया तो आरोपी को फायदा मिल सकता है।
राखी सिंह ठाकुर ने कुशालपुर में अमर बंसल नामक मिलावटखोर की फैक्ट्री में छापा मारकर नकली पनीर पकड़ा था उसका भी प्रकरण पेश नहीं किया है।

रायपुर में छापे के दौरान होटल,रेस्टोरेंट में मिलावटी बेसन, बूंदी के लड्डू, पुराने तेल से खाना तलने के कई प्रकरण है जिसमें राखी सिंह ने मौके पर कार्रवाई तो की थी लेकिन आज तक उसमें कानूनी कार्रवाई आगे नहीं की। इसके कई उदाहरण हैं, नीचे दिए गए कुछ मामलों में आज तक अभियोजन स्वीकृती नहीं ली गई जिसमें आरोपियों को बचाने की आशंका है

1.मेसर्स बारबेक्यू नेशन 24/08/2021 – मिस ब्रांडेड- एक्सपायर हो चुके सॉस और अन्य चींजे इस्तेमाल कर रहे थे।
2.मेसर्स आनंद फ्रेस भिलाई फूड प्रोडक्टस कंपनी 26/07/2021- मिस ब्रांडेड- दूध और मिल्क प्रोडक्ट मिले थे उसमें एक्सपायरी डेट और अन्य डिटेल नहीं थी
3.मेसर्स पूनम स्वीट्स जय स्तंभ चौक 16/10/2024- सब स्टेंडर्ड और मिस ब्रांडेड- बूंदी के लड्डू खाने योग्य और मानकों के अनुरूप नहीं थे
4.मेसर्स मुरली स्वीट हाउस, सुंदर नगर 16/10/2024- सब स्टेंडर्ड और मिस ब्रांडेड- बेसन के लड्डू में खाने योग्य और मानकों के अनुरुप नहीं थे
5. मेसर्स सफायर फुड्स इंडिया लिमेटड, मैगनेटो माल, रायपुर- जो तेल इस्तेमाल किया किया जा रहा था वो पुराना और कई बार इस्तेमाल किया हुआ था
6. मेसर्स जलाराम नमकीन, अग्रेसन चौक 18/03/2024 – गाठिया बेसन का सामान मिला था। सब स्टेंडर्ड यानी मिलावटी मिला था

 

मल्टी पार्टी होने से देरी होती है लेकिन इतनी भी नहीं
– एक्सपर्ट कहते हैं की जब एक ही मामले में बनाने वाला, सप्लाई करने वाला, बेचने वाला, नकली कच्चा माला देने वाले जैसे कई लोग शामिल होते हैं तो उन्हे नोटिस देना। पूछताछ करने में एक से दो महीने का समय लग भी जाता है। लेकिन होटल,रेस्टोरेंट जैसे मामले जहां एक ही मालिक होता है वहां महीने भर का भी समय नहीं लगता। ऐसे में साल 2021 जैसे 5 साल पुराने प्रकरण का लंबित होना अपने आप में
बड़ा सवाल खड़ा करता है।
आरोपी चाहते ही हैं की प्रकरण देर से पेश हो ताकि कोर्ट में फायदा मिले। इसके लिए आरोपी हर महीने के हिसाब से खर्च करने के लिए भी तैयार रहते हैं।

कंट्रोलर या उच्चाधिकारी से अनुमति लेकर ही कोर्ट में पेश होंगे प्रकरण
अगर पुराने में मामले में पुरानी डेट से भी अभियोजन स्वीकृति लेकर प्रकरण कोर्ट में पेश करना हो तो इसके लिए कंट्रोलर या उच्चाधिकारी से अनुमति लेकर ही कार्रवाई आगे बढ़ानी होती है।
लेकिन चूंकि राखी ठाकुर का ट्रांसफर हो चुका है तो ऐसे में क्या उन्हे अभियोजन स्वीकृति मिलेगी ?

एक तरफ जहां ट्रांसफर किए गए 12 अधिकारियों में 11 जिला मुख्यालयों में ज्वाइनिंग दे चुके हैं। देखना वाली बात रहेगी की राखी सिंह ठाकुर रायपुर से कब रवाना होती हैं।

संजय नेताम का निलंबन आदेश

निलंबन के बाद से मेडिकल लीव में नेताम
विभाग में यह भी चर्चा है की एक तरह से निलंबन के बाद भी संजय नेताम को रायपुर मुख्यालय में अटैच कर मरहम लगाने की कोशिश की गई है। लेकिन चर्चा यह भी है की संजय नेताम रायपुर में रहकर जिस मामले में निलंबित हुए हैं उसकी जांच प्रभावित कर सकते हैं। कोरिया, अंबिकापुर में उनके खिलाफ जो लंबित शिकायतें रायपुर आकर पड़ी हैं उसे भी प्रभावित कर सकते हैं। कई चीजें प्रभावित कर सकते हैं इसलिए नेताम के रायपुर अटैचमैंट पर भी काफी असंतोष व्याप्त है।