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प्री-वेडिंग शूट… फैशन या दिखावा? फिजूलखर्ची और दिखावे पर वार, छत्तीसगढ़ के साहू समाज ने प्री-वेडिंग शूट पर लगाया बैन

Pre Wedding Shoot: बढ़ते दिखावे, फिजूलखर्ची और संस्कारों के क्षरण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने एक ऐतिहासिक और सख्त फैसला लिया है। समाज की सर्वोच्च बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब साहू समाज में प्री-वेडिंग शूट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह फैसला समाज को उसकी मूल संस्कृति, सादगी और संस्कारों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Pre Wedding Shoot: प्रदेश स्तरीय बैठक में हुआ फैसला

Pre Wedding Shoot: शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष और प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में समाज की वर्तमान स्थिति, युवाओं में बढ़ते दिखावे, सोशल मीडिया प्रभाव और पारिवारिक मूल्यों में आ रही गिरावट पर गंभीर मंथन किया गया। बैठक के बाद यह स्पष्ट ऐलान किया गया कि अब साहू समाज में विवाह से पूर्व होने वाले प्री-वेडिंग शूट को सामाजिक मान्यता नहीं दी जाएगी।

प्री-वेडिंग शूट: फैशन या दिखावा?

Pre Wedding Shoot: आजकल शादी से पहले प्री-वेडिंग शूट कराना एक आम चलन बन गया है। खूबसूरत जगहों पर फोटो और वीडियो शूट कराकर उन्हें सोशल मीडिया पर डालना लोगों को आकर्षक लगता है। लेकिन धीरे-धीरे यह शौक एक तरह का दबाव भी बनता जा रहा है। कई परिवार केवल दिखावे के लिए प्री-वेडिंग शूट पर काफी पैसा खर्च कर देते हैं।