Jawan Commits Suicide नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों के बीच मानसिक और शारीरिक तनाव की एक दुखद परिणति सामने आई है. कोहकामेटा थाना क्षेत्र में हाल ही में बने कोड़नार कैंप में ड्यूटी पर तैनात जिला बल के आरक्षक पिंगल जुरी ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली. अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही जवान ने दम तोड़ दिया. प्राथमिक जांच में आत्महत्या के पीछे स्वास्थ्यगत कारणों (Health Issues) का होना बताया जा रहा है.

Jawan Commits Suicide जानकारी के अनुसार, आरक्षक पिंगल जुरी गुरुवार सुबह 10 बजे कैंप में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उन्होंने अपनी रायफल से खुद पर गोली चला दी. गोली सीधे उनके सिर पर लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. कैंप में मौजूद अन्य सहयोगियों ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल नारायणपुर रवाना किया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ले ली.
एक सप्ताह में तीसरी घटना
Jawan Commits Suicide पुलिस प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जवान पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था, जिसे आत्महत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है. नारायणपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है. जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ घटित यह इस महीने की तीसरी दुखद घटना है, जिसने विभाग की चिंता बढ़ा दी है.

- 18 दिसंबर: होरादी पुलिस कैंप में पदस्थ एक BSF जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी.
- 21 दिसंबर: कड़ेनार गांव में DRG के एक जवान की गलती वश (Accidental firing) गोली लगने से मौत हो गई थी.
- 25 दिसंबर: कोड़नार कैंप में जिला बल के आरक्षक पिंगल जुरी की आत्महत्या.
Jawan Commits Suicide
अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में तैनात जवानों के लिए ‘सुविधा और सुरक्षा कैंप’ की शुरुआत विकास की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है, लेकिन जवानों का गिरता मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती पेश कर रहा है. महज एक सप्ताह के भीतर तीन जवानों को खोना पुलिस प्रशासन के लिए आत्मचिंतन का विषय है. फिलहाल, पुलिस विभाग मृतक जवान के पार्थिव देह को उनके गृह ग्राम (कांकेर) भेजने और मामले की विस्तृत जांच में जुटा है.




